चंद्रयान-3 ने इतिहास रचाया है


 

नवभारत ने विकास की ओर

एक और कदम बढ़ाया है, 

दिनांक 23, वर्ष 23 को 

‛विक्रम' ने पराक्रम दिखाया है। 


चंद्र के दक्षिण ध्रुव पर उतरकर

भारत का परचम लहराया है, 

जहाँ कोई अब तक नहीं पहुँचा

वहाँ भारत का चिन्ह पहुँचाया है।


भारत की आत्मा जिसमें है

‛वसुधैव कुटुम्बकं' जिसमें है

वह शाश्वत सत्य अमर होकर

शिव-शक्ति बिंदु कहलाया है।


जिस देश को शून्य समझता था जग

उस ‛शून्य' ने मार्ग दिखाया है, 

‛प्रज्ञान' के ज्ञान से आलोकित होकर 

यह देश विश्व गुरु कहलाया है। 


असफलता के गर्भ में पलकर 

सफलता का जन्म होता है, 

अपनी भूलों से शिक्षा लें 

यह सबक हमें सिखलाया है।


कितनों ने देखा स्वप्न, कितनों ने अपना सर्वस्व दिया, 

कठिन चुनौतियों के आगे कभी मस्तक नहीं झुकने दिया,

तब जाकर यह गौरव और  सम्मान पाया है 

धन्य हैं वे वैज्ञानिक जिन्होंने इतिहास रचाया है।


 नवभारत ने विकास की ओर

 एक और से कदम बढ़ाया है।


- संध्या जैन

 पवई,मुम्बई।

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