चाय मस्ती क्लब
I became a member of ‛Chai Masti Centre' Powai for senior citizens which is operated by Dignity Foundation in Sep.2022.Now I want to share my experience in poetic way.
‛चाय मस्ती क्लब’
'चाय मस्ती क्लब’ का है अनोखा एक परिवार,
कौन कहता है कि ये सभी, हैं 60 वर्षों के पार।
बचपन की मौज-मस्ती यहाँ है बेशुमार,
सीखने और सिखाने का ये है अद्भुत संसार।
प्रार्थना में हम ईश्वर को प्रतिदिन करें नमस्कार,
अब तक जो पाया है हमने उसके लिए आभार।
प्राणायाम-अंताक्षरी का दिन होता है सोमवार,
मंगल को योगाभ्यास और प्रस्तुत करें सद् विचार।
बुध को ‛ज़ुम्बा' का रहता है सभी को इंतज़ार,
कविता-शेरो शायरी में बीतता है गुरुवार।
शुक्रवार के ‛गेम्स' और ‛मालामाल' मज़ेदार,
नए-पुराने गीतों का सजता है सुरीला दरबार।
शौकिया जो गाते थे, अब हो गए हैं कलाकार,
नृत्यकला में पैर न रुकते,खुशियाँ मिलतीं अपरम्पार।
‛संध्या’ सुरमयी हो जाती,सुन बांसुरी की तान,
गीत-संगीत से आ जाती है जीवन में बहार।
जन्मदिवस भी साथ मनाते, छोड़ें नहीं कोई त्योहार,
दुःख तकलीफ़ को रखें किनारे बस बाँटते स्नेह और प्यार।
उम्र,जाति और भाषा की नहीं दिखती दीवार,
स्वस्थ,मस्त और व्यस्त रहें का करते रहें उच्चार।
नित-नये साथियों का करते हैं सत्कार,
भाँति-भाँति के सुमनों से ‛क्लब' हो रहा है गुलज़ार।
‛सम्मान करो, सम्मान से रहो', यही है जीवन का आधार,
जीने की कला सिखाने वालों, तुम्हें नमन है बारम्बार।
- संध्या जैन
रहेजा नेस्ट,पवई।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें