स्वस्थ बच्चे, स्वस्थ भारत
स्वस्थ
बच्चे, स्वस्थ भारत
आलस्य त्यागकर, प्रातः उठकर, सर्वप्रथम प्रभु का ध्यान,
सुबह की सैर, थोड़ी कसरत, थोड़ा योग और प्राणायाम|
यह तन-मन
एक मंदिर जैसे नित्य करो इनका सम्मान,
मन प्रसन्न, निरोगी काया, माँगो
ईश्वर से वरदान||
ज्ञान-विज्ञान,
कला-कौशल संग खेलकूद पर कर लो ध्यान,
“स्वस्थ शरीर में स्वस्थ
मस्तिष्क है” कह गए गुणीजन, संत-सुजान|
फुटबॉल, हॉकी, टेनिस खेलो, धावक बनो या बनो पहलवान,
धैर्य,
अनुशासन, दल में संयम आदि गुणों से बनो धनवान||
‘जंक फ़ूड’ हैं शत्रु स्वास्थ्य के सुधारो अपना
खानपान,
पौष्टिक
भोजन, पेय घरेलू, फल-सब्ज़ी से हों बलवान|
‘मोबाइल’, ‘टी.वी’., ‘कंप्यूटर’
के अतिप्रयोग से हो नुकसान,
एकाकी,
रोगी से बनकर, बैठे मात-पिता, संतान||
क्रीड़ा मनोरंजन भी है और स्वस्थ व्यायाम,
जिससे होता मनुष्य का समग्र व्यक्तित्व निर्माण,
अभ्यास-संघर्ष प्रारंभ हैं तो अंत सुखद परिणाम,
जीत-हार में समभावी हो, खिलाड़ी की पहचान|
‘स्वस्थ बच्चे, स्वस्थ भारत’
के गुरु मंत्र को करो प्रणाम,
‘खेलो और खेलने दो’ का शुरू
करो महाअभियान|
उदय होगा सूरज-सा जग में रोशन हो भारत
का नाम,
मन से
स्वस्थ, तन से स्वस्थ, करेंगे नागरिक राष्ट्र-निर्माण||
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